एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे | Aloevera ke fayde | Benefits of Aloe vera | Gwarpatha aur gratkumari ke Labh |

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Aloevera, LIVER DISEASES

यहां हम आपको एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे के बारे में जानकारी दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए ज्ञान वर्धक साबित होगा। तो आइए शुरूआत करते हैं-

एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे (Aloe Vera ke Fayde)

अलोवेरा/एलोवेरा को घृत कुमारी, क्वारगंदल या ग्वारपाठा के नाम से भी जाना जाता है, एक औषधीय पौधे के रूप में बहुत जाना जाता है। एलोवेरा का पौधा बिना तने का या बहुत ही छोटे तने का एक गूदेदार और रसीला पौधा होता है जिसकी लम्बाई ६०-१०० सेंटीमीटर तक होती है। इसका फैलाव नीचे से निकलती शाखाओं द्वारा होता है। इसकी पत्तियां नुकीली, मोटी और मांसल होती हैं जिनका रंग, हरा होता है और निचली सतह पर सफेद धब्बे होते है दाँतों की एक पंक्ति होती है। इस पर गर्मी के मौसम में पीले रंग के फूल भी उत्पन्न होते हैं।

एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमिनो एसिड और 12 विटामिन मौजूद होते हैं, जो खून की कमी को दूर कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

aloe vera

एलोवेरा के सेवन से पीलिया का इलाज :

पीलिया से बचने के लिए भी एलोवेरा का सेवन किया जाता है। इसमें 10-20 मिलीग्राम एलोवेरा के रस को दिन में दो तीन बार पिलाने से पीलिया रोग में बहुत फायदा पहुंचता है।

 

त्वचा संबंधी रोगों को दूर करने में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

एलोवेरा के पल्प (गुदे) में मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाऊडर में मिलाकर लगाने से त्वचा के कील – मुहांसे ठीक हो जाते हैं। गुलाब जल में एलोवेरा का रस मिलाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और खोई नमी लौटती है।

 

स्वास्थ्यवर्द्धक पेय के रूप में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

एलोवेरा का एक अच्छे स्वास्थ्यवर्द्धक पेय (Drink) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

 

लू से बचाव में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

एक गिलास ठंडे नारियल पानी में दो से चार चम्मच एलोवेरा का रस (गूदा) मिलाकर पीने से लू लगने का खतरा नहीं रहता है।

 

बवासीर, डायबिटीज़, गर्भाशय के रोग तथा पेट के विकार में:

एलोवेरा का जूस बवासीर, डायबिटीज़, गर्भाशय के रोग तथा पेट के विकारों को दूर करता है।

 

कब्ज़ की समस्या दूर करने में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

सुबह उठकर खाली पेट एलोवेरा की पत्तियों के रस का सेवन करने से पेट में कब्ज़ की समस्या से निजात मिलती है।

 

फोड़े फुंसियां ठीक करने में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

गर्मी, उमस और बारिश के कारण निकलने वाले फोड़े – फुंसियों पर भी इसका रस लगाने पर आराम मिलता है और तीन – चार बार लगाने से वो ठीक भी हो जाते हैं।

 

बालों को स्वस्थ रखने में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

एलोवेरा का जूस मेहँदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार तथा स्वस्थ रहते हैं।

 

जलने या चोट लगने पर एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

कहीं भी जलने या चोट लगने पर एलोवेरा का रस लगाने से बहुत आराम मिलता और वो तेज़ी से भी ठीक होती है।

इसके अलावा शारीरिक ऊर्जा, पाचन क्रिया तथा त्वचा – पुनर्निर्माण के लिए भी एलोवेरा का रस और पल्प (गूदा) काफी लाभदायक होता है।

 

डायबिटीज (मधुमेह) में एलोवेरा के फायदे:

मधुमेह बीमारी में 250-500 मिलीग्राम गुडूची सत् (पानी को गर्म कर सुखा कर नीचे बचा हुआ पदार्थ) में 5 ग्राम एलोवेरा का गूदा मिलाकर लेने से मधुमेह में लाभ होता है।

 

आंखों की बीमारी में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे:

एलोवेरा आंखों की बीमारी के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं। एलोवेरा जेल (गूदा) को आंखों पर लगाने से आंखों की लालिमा (लाल होना) खत्म होती है। यह विषाणु से होने वाले आखों के सूजन  में भी फायदेमंद होता है।

 

कान दर्द में एलोवरा के लाभ:

कान दर्द में भी एलोवेरा फायदा पहुंचाता है। एलोवेरा के रस को हल्का गर्म करके  जिस कान में दर्द हो रहा है उसमें न डालकर उसके दूसरी तरफ के कान में डालें, दो बूंद टपकाने मात्र से कान के दर्द में जल्दी ही आराम पड़ता है।

 

लिवर की बीमारियो में एलोवेरा (ग्वारपाठा) के फायदे :

1 भाग शहद और  उससे दुगुना एलोवेरा के पत्तों का रस लेकर उसे चीनी मिट्टी के बर्तन में रखें। इस बर्तन का मुंह बन्द कर 1 सप्ताह तक धूप में रख दें। एक सप्ताह बाद इसे छान लें। इस औषधि को 10-20 मिलीग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से लिवर से संबंधित बीमारियों में लाभ होता है।

 

गठिया के इलाज में :

गठिया (जोड़ो के दर्द) में भी एलोवेरा बहुत फायदेमंद हैं। 10 ग्राम एलोवेरा जेल नियमित रूप से सुबह-शाम सेवन करें। इससे गठिया में बहुत तेजी से फायदा होता है।

 

कमर दर्द से इलाज में :

कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। कमर पर लगाकर एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है या इसके लिए गेंहू का आटा, घी और एलोवेरा जेल लेकर आटा गूंथ लें फिर इसकी रोटी बना लें और रोटी का चूर्ण बनाकर लड्डू बना लें। रोज 1-2 लड्डू को खाने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

 

चर्म रोग में एलोवेरा के फायदे :

कई तरह के चर्म रोग में एलोवेरा का प्रयोग करने पर फायदा होता है। अगर आपकी त्वचा पर मस्से निकल आए हैं तो एलोवेरा के पत्ते को एक तरफ से छीलकर मस्सों पर बांधें। इससे मस्से खत्म हो जाते हैं।

 

तिल्ली (प्लीहा) विकार में एलोवेरा के फायदे:

तिल्ली बढ़ने पर भी एलोवेरा द्वारा उसे ठीक किया जा सकता है। इसके लिए 10-20 मिलीग्राम एलोवेरा के रस में 2-3 ग्राम हल्दी चूर्ण मिलाकर रोजाना सेवन करें। इससे तिल्ली की समस्या में फायदा पहुंचता है।

 

एलोवेरा के सेवन से खूनी बवासीर का इलाज :

बवासीर को ठीक करने में एलोवेरा का प्रयोग किया जा सकता हैं। एलोवेरा जेल के 50 ग्राम गूदे में 2 ग्राम पिसा हुआ गेरू मिलाएं। अब इसकी टिकिया बना लें। इसे रूई के फाहे पर फैलाकर गुदा स्थान पर कपड़े की पट्टी बांधें। और पूरे दिन बंधी रहने दें इससे मस्सों में होने वाली जलन और दर्द में आराम मिलता है और कुछ दिनों में ही इस परेशानी से छुटकारा मिल जाता है।

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