एसिडिटी का परमानेंट इलाज | एसिडिटी में राहत के लिए उपचार | एसिडिटी के लक्षण | Acidity Ka Permanent ilaj |

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Acidity Problem

यहां हम आपको “एसिडिटी का परमानेंट इलाज”के संदर्भ में जानकारी दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा। तो आइए शुरूआत करते हैं–

एसिडिटी का परमानेंट इलाज

एसिडिटी (Acidity or Reflux Acid) के परमानेंट इलाज से पहले यहां यह बताया जा रहा है कि आखिर एसिडिटी होती क्या है और इसके लक्षण क्या-क्या है ।

पेट में ‘हाइड्रोक्लोरिक एसिड’ (hydrochloric acid) नामक अम्ल होता है जो भोजन को टुकड़ों में तोड़ता है। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल जब इसोफेगस(food pipe) की परत से होकर गुजरता है तो सीने या पेट मे जलन महसूस होने लग जाती है, क्योंकि ये परत हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के लिए नहीं बनी है। बार-बार होने वाली एसिडिटी की समस्या को गर्ड (GERD) कहा जाता है। हमारे अनियमित खान पान के कारण एसिडिटी हो सकती है। कुछ लोगों को गरम खाना, शराब, ऍलर्जी और तले हुए पदार्थों के कारण तत्कालिक अम्लपित्त होता है। ज्यादातर यह शिकायत कुछ समय बाद या उल्टी के बाद रूक जाती है। गर्भावस्था में कभी कभी अंतिम महिनों में जादा एसिडिटी महसूस होती है। तम्बाकू खाने से या धूम्रपान के कारण ऍसिडिटी होती है। अरहर या चना दाल या बेसन के कारण कुछ लोगों को अम्लपित्त होता है। मिर्च खाने से भी ऍसिडिटी होती है। कुछ दवाओं के कारण पेट में ऍसिडिटी- जलन होती है, ऍस्पिरीन ऐसी एक दवा है।

आज की लाइफस्टाइल में हाइपर एसिडिटी (Hyperacidity) यानि अम्लपित्त की समस्या बहुत आम समस्या है। खाली पेट ज्यादा देर तक रहने से या अधिक तला भुना खाना खाने के बाद खट्टी डकार व पेट में गैस आदि बनने लगती है। एसिडिटी होने पर पेट में जलन, खट्टी डकारें आना, मुंह में पानी भर आना, पेट में दर्द, गैस की शिकायत, जी मिचलाना आदि लक्षण महसूस होते हैं। ये काफी आम बीमारी है, जिससे हर व्यक्ति को कभी न कभी सामना करना पड़ता है। लेकिन कभी-कभी इस बीमारी की वजह से कई गंभीर बीमारियां व्यक्ति को घेर लेती हैं। देर रात तक जागना, सुबह देर तक सोये रहना, बीड़ी−सिगरेट, तम्बाकू, चाय−कॉफी तथा फास्टफूड का बेहिसाब सेवन आधुनिक जीवन शैली के अंग हैं, जिस कारण हम कई रोगों के शिकार हो जाते हैं। आज के दौर में लगभग 70 प्रतिशत लोग इसी रोग से पीड़ित हैं।

एसिडिटी की शुरूआत मुंह में पानी छूटकर और जी मचलने से होती है। ऍसिडिटी का दर्द सादे भोजन से कम होता है, लेकिन तीखे भोजन से तुरंत शुरू होता है। अम्लपित्तवाला दर्द छाती और नाभी के दरम्यान अनुभव होता है। जलन निरंतर होती है लेकिन ऐंठन-दर्द रूक रूक के होता है। कभी कभी दर्द असहनीय होता है।

पीड़ित व्यक्ति दर्द स्थान उंगली से अक्सर सूचित कर सकता है। पेट-छाती की जलन कभी कभी दिल के दौरे से ही होती है। ऐसा दर्द छाती से पीठ की ओर चलता है इसके साथ पसीना, सांस चलना, घबडाहट आदि लक्षण होते है।

 

रोकथाम (Prevention from Acidity in Hindi)

तीखे, मसालेदार और जादा गरम पदार्थ, तंबाकू, धूम्रपान और शराब सेवन न करे। अरहर, चनादाल या बेसन से मूँग अच्छा होता है। अम्लपित्त ऍलर्जी का प्रभाव हो तो आहार में उस चीज का पता करना पडेगा। जाहिर है की इस पदार्थ को न खाए। योगशास्त्रनुसार तनाव से छुटकारा होने पर ऍसिडिटी कम होती है। इसके लिये योग उपयोगी है।

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एसिडिटी के लक्षण: (Symptom of Acidity in Hindi)

  • खट्टी डकारें आना– खट्टी डकारका आना आमतौर पर कोई बीमारी नहीं है इससे यह पता चलता है कि आपके पेट में हवा ज्यादा भर गई है। इसके अलावा यह समस्या ज्यादा खाने या फिर जल्दी-जल्दी खाने से भी होती है। बता दें कि डकारें अपच के कारण पैदा होती हैं और अपच धूम्रपान, तनाव, कोल्ड ड्रिंक, शराब के सेवन आदि से पैदा होता है।
  • पेट और गले में जलन होना– गले में जलनएसिड रिफ्लक्स के कारण भी हो सकती है। इस स्थिति में पेट में बना अम्ल भोजन नली में आ जाता है, जिसके कारण जलन पैदा हो जाती है।
  • खाना खाने की इच्छा नहीं होना- पेट में अजीब सा लगता है और खाना खाने की इच्छा नहीं होती है।
  • खाना खाने के बाद उल्टी या मिचली आना खाना खाने के बाद उल्टी और जी मिचलाना इसका एक सामान्य लक्षण है।
  • कभी कब्जियत होना, कभी दस्त होना – इससे पेट संक्रमित हो जाता है और कब्ज हो जाती है और कभी कभी दस्त लगने की समस्या भी हो जाती है।
  • निगलने में कठिनाई या दर्द- कभी कभी खाना निगलते हुए दर्द भी महसूस होता है
  • छाती या ऊपरी पेट में दर्द- यह भी एसिडिटी का एक सामान्य लक्षण है और आमतौर पर सभी के द्वारा यह लक्षण सुनने को मिलता है।
  • ब्लैक स्टूल (काली पॉटी) या स्टूल में खून आना- कभी कभी यह समस्या भी हो जाती है।
  • लगातार हिचकी आना- यह भी एसिडिटी का एक सामान्य लक्षण है
  • बिना किसी कारण के वजन घटना- यह भी एसिडिटी का एक सामान्य लक्षण है

एसिडिटी (Acidity or Reflux Acid) के परमानेंट इलाज

एसिडिटी में राहत के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपचार (Acidity Home remedies in Hindi) 

अदरक: इसका रस निकालकर थोड़े से पानी के साथ मिलाकर पीने से भी एसिडिटी में राहत मिलती है।

सौंफ: खाना खाने के बाद थोड़ी सी सौंफ को नियमित खाने से एसिडिटी में राहत मिलती है।

नारियल पानी: खाना खाने के बाद नारियल पानी भी एसिडिटी में फायदेमंद होता है।

जीरा और अजवाइन: इन दोनों को भूनकर खाना खाने के बाद खाने से भी एसिडिटी में आराम मिलता है।

आंवला: आंवले का चूर्ण खाने से भी एसिडिटी में राहत मिलती है।

लौंग: खाना खाने के बाद एक लौंग चबाकर भी एसिडिटी से बचा जा सकता है

गुड़: इसे खाने से भी एसिडिटी नहीं बनती है।

खीरा: इसका सेवन भी अच्छा रहता है।

यहां आपने एसिडिटी के परमानेंट इलाज के बारे में पढ़ा उम्मीद है कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

एसिडिटी के परमानेंट इलाज के लिए नीचे एक बहुत ही असरदार दवा को दर्शाया गया है।

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