कासमर्द (कसौंदी) के फायदे | kasmard ya kasoundi ke fayde | kasmarda ke Aushdhiya gun | benefits of Kasmarda |

यहां हम आपको कासमर्द (कसौंदी) के फायदे के बारे में जानकारी दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए ज्ञान वर्धक साबित होगा। तो आइए शुरूआत करते हैं-

कसौंदी (कासमर्द) को अपने घरों के आस-पास देखा होगा। यह झाड़ीनुमा होता है। बारिश के मौसम में खाली जमीन में अपने आप उग जाता है। कसौंदी के कई सारे औषधीय गुण भी हैं। और साधारण खांसी, कुकुर खांसी, रक्तविकार, ह्रदय विकार जैसी बीमारियों में कसौंदी के इस्तेमाल से फायदे हैं। इतना ही नहीं, सूजन, पेट के रोग, पीलिया, बवासीर आदि रोगों में भी कसौंदी के औषधीय गुण से लाभ मिलता है।

कासमर्द (कसौंदी) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) ke fayde):

कासमर्द (कसौंदी) के फायदे

कब्ज में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to Treat Constipation problem):

कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कासमर्द के फूलों का गुलकंद बना कर सेवन करने से भयंकर से भयंकर कब्ज भी ठीक हो जाता है |

 

लिवर की समस्त बीमारियो में फायदेमंद है कासमर्द (Kasoundi (Kasmard) benifits to Treat all liver diseases):

कासमर्द की जड़ का काढ़ा इस तरह पानी में बनायें कि वो 1/4 या 25% रह जाए इसे दिन में 2बार 10-20 मिली की मात्रा में सेवन करें, इससे लिवर मजबूत बन जाता है।

 

खांसी में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi Benefits in Fighting with Cough):

10-15 मिली कसौंदी के पत्ते के रस में 2 चम्मच मधु मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें। इससे बुखार और खांसी की समस्या दूर होती है।

1-3 ग्राम कसौंदी बीज के चूर्ण को गुनगुने जल के साथ रोज तीन बार सेवन करें। इससे खांसी में लाभ होता है।

5 मिली कसौंदी के पत्ते के रस में मधु मिलाकर सेवन करने से खांसी में लाभ होता है।

 

कुक्कुर खांसी में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Uses of Kasoundi in Fighting with Whooping Cough Problem)

कासमर्द (कसौंदी) के पत्ते के रस में मधु मिलाकर इसे बच्चों को खिलाने से कुक्कुर खांसी में फायदा पहुंचता है।

 

हिचकी की समस्या में कसौंदी (कासमर्द) के सेवन से लाभ (Kasoundi Benefits for Hiccup Treatment)

कसौंदी के 10 ग्राम पत्तों या पंचांग को 400 मिली पानी में पका लें। जब यह एक चौथाई बच जाए और काढ़ा बन जाए तो 10-30 मिली काढ़ा में शहद मिलाकर सेवन करें। इससे हिक्का (हिचकी), खांसी और सांसों के  रोग में लाभ होता है।

कासमर्द के पत्तों का जूस बनाकर सेवन करने से हिक्का (हिचकी) तथा दमा रोग में लाभ होता है।

 

बुखार में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to Treat fever):

कुछ लोग बुखार होने पर इसके बीजों का चूर्ण शराब के साथ सेवन करते हैं उससे भी बुखार सही हो जाता है |

 

सूजन की समस्या में कसौंदी के फायदे (Kasoundi Uses to Reduce Swelling):

कासमर्द के पत्तों एवं जड को पीसकर इनका पेस्ट बना लें। इस लेप को सूजन वाले स्थान पर लगाकर गुनगुने जल से स्नान करें। शरीर के किसी भी अंग की सूजन इससे दूर होती है।

 

रतोंधी में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to Treat night blind):

इस बीमारी में रात के समय में दिखाई नहीं देता है इसके लिए कसौंदी के पत्तों को पानी में पीसकर गेंहू का आटा मिलाकर रोटी बना लें | इसका सेवन करने से रतोंधी में बहुत फायदा पहुंचता है | इसके पत्तों का रस आँखों में डालने पर भी आराम मिलता है |

 

घाव भरने में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits for healing the wounds):

कासमर्द के पत्तों को पीसकर घाव वाले स्थान पर लेप करने से घाव जल्दी भर जाते हैं।

 

पेट के कीड़ों की समस्या में दाद में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to treat stomach worms):

पेट के कीड़ों की समस्या में कासमर्द के पत्तों की सब्जी बना कर खिलाने से पेट के कीड़े ठीक हो जाते है |

 

पीलिया रोग में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to treat jaundice):

पीलिया की समस्या में इसके 2 से 3 पत्ते कालीमिर्च के चूर्ण के साथ मिलाकर पिलाने से पीलिया में आराम मिलता है

 

आंखों की बीमारी का इलाज (Benefits of Kasoundi (Kasmard) to Treat Eye Disease):

कसौंदी के ताजे पत्ते के रस को सुबह-शाम 1-1 बूंद आंखों में डालें। इससे आंखों की सूजन, दर्द और लालिमा में लाभ होता है इसके अलावा कसौंदी के ताजे पत्ते को आंखों पर बांधने से आंखों का दर्द, लालिमा और सूजन की समस्या में बहुत फायदा पहुंचता है।

 

कान के दर्द में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to Treat Ear Pain):

कसौंदी के पत्तों के रस को कान में डालने से कान का दर्द दूर होता है।

कसौंदी के पत्तों के रस में दूध में मिला लें। इसे गुनगुना करके कान में 2-4 बूंद-बूंद के रूप में डालें। इससे कान का दर्द ठीक होता है।

 

खूनी बवासीर में कसौंदी के फायदे (Kasoundi Uses to Treat Piles):

कुछ कसौंदी के बीज लगभग 10 और काली मिर्च के 1-2 ले लें। इसे पानी में पीसकर सुबह और शाम जल के साथ पिएं। इससे खूनी बवासीर में लाभ होता है।

 

आवाज के बैठने पर कसौंदी (कासमर्द) के सेवन से लाभ (Kasoundi (Kasmard) Benefits for Laryngitis Treatment)

कासमर्द (कसौंदी), बड़ी कटेरी तथा भृंगराज का काढ़ा तीनों का बना लें। इसे घी में पकाएं और फिर लगभग 5-5 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से आवाज के बैठने की समस्या में बहुत जल्दी आराम मिलता है।

 

सांसों से संबंधित बीमारी में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi Benefits for Respiratory Disease):

कसौंदी के बीजों का चूर्ण, छोटी पिप्पली तथा काला नमक को बराबर मात्रा में लें। इसे टूट कूटकर 250mg की गोलियाँ बना लें। सुबह या रात 1-2 गोली मुंह में रखकर चूसने से सांसों की बीमारियों जल्द ही ठीक हो जाती है। सांसों से जुड़ी बीमारियों वाले रोगी के लिए कसौंदी के पत्तों की सब्जी बहुत लाभकारी होती है।

 

नाक बंद होने की समस्या में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे:

  • सर्दी-जुकाम, नाक के रोग तथा विशेष रूप से नाक बंद होने की समस्या में कसौंदी के पत्ते के रस की एक-दो बूदों को नाक में डालें। इससे लाभ मिलता है।

 

पेट के रोग कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi Benefits for Abdominal Disease):

कसौंदी के पत्तों को 500 मिली जल में पका लें। जब यह एक चौथाई रह जाए और काढ़ा बन जाए तो 10-15 मिली कर करके पिएं इससे पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।

 

मूत्र विकार में कसौंदी के फायदे (Kasoundi Uses to Treat Urinary Disease):

कासमर्द की जड़ से 20-30 मिली काढ़ा तैयार कर लें इसको दिन में 2 से 3 बार पिएं। इससे पेशाब में दर्द, पेशाब का ना आना, सूजन की समस्या आदि में बहुत फायदा पहुंचता है।

 

फाइलेरिया (हाथी पांव) रोग में कसौंदी के फायदे (Kasoundi Benefits for Filariasis Treatment):

10 ग्राम कसौंदी की जड़ का पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को 15 मिली गाय के घी के साथ सेवन करें। इससे फाइलेरिया (हाथी पांव रोग) जल्दी ही ठीक हो जाता है।

 

वीर्य विकार में कसौंदी के फायदे (Uses of Kasoundi for Sperm Related Disorder):

कसौंदी की जड़ की छाल को पीसकर चूर्ण बनाकर इस 1-2 ग्राम चूर्ण में शहद मिला लें। इसे सुबह और शाम एक गिलास दूध के साथ लेने से वीर्य का पतलापन दूर होता है और शरीर ऊर्जावान महसूस होता है।

मिर्गी का इलाज में कसौंदी के फायदे (Benefits of Kasoundi to Epilepsy Disease Treatment):

कसौंदी पंचांग का 10-20 मिली काढ़ा बना लें। इस काढ़े को दिन में 3-4 बार  पीने से मिर्गी (हिस्टीरिया या शरीर के कंपन की बीमारी )में लाभ होता है।

 

चर्म रोग के इलाज में कसौंदी के फायदे (Benefits of Kasoundi to Treat Skin Disease):

कसौंदी के पत्तों को पीसकर लेप तैयार कर लें और चरम रोग वाले स्थान पर इसे लगाने सेआराम मिलता है। इससे शरीर की जलन आदि त्वचा के विकारों में फायदा पहुंचता है।

 

टाइफाइड में कसौंदी के फायदे (Kasoundi (Kasmard) Benefits in Fighting with Typhoid):

10-20 मिली का काढ़ा कसौंदी की जड़ से तैयार करलें। इसे सुबह-शाम पियें इससे टायफाइड में भी बहुत जल्दी सही हो जाता है।

 

शारीरिक कमजोरी का इलाज (Benefits of Kasoundi (Kasmard) to Treat Body Weakness)

कासमर्द की जड़ का काढ़ा बना लें। इसे सुबह-शाम पीने से शारीरिक दुर्बलता और कमजोरी दूर होती है।

 

कीड़ों के काटने पर कसौंदी के फायदे (Kasoundi is Benefits in Insect Bite):

बर्रे, ततैया आदि विषैले कीटों के काटने पर कसौंदी के पत्तों के रस को लगाएं। इससे कीड़ों के काटने से होने वाला दर्द ठीक होता है।

 

सफेद दाग का इलाज में कसौंदी के फायदे (Benefits of Kasoundi to Treat Vitiligo):

कसौंदी और जड़ी के बीजों को बराबर बराबर मात्रा में लें। इससे दुगुनी मात्रा में गंधक लें। तीनों को पीस लें। इसका लेप नियमित लगाने से सफेद दाग की बीमारी में फायदा पहुंचता है।

 

दाद में कसौंदी (कासमर्द) के फायदे (Kasoundi (Kasmard) benifits to treat ring worms):

कसौंदी की जड़ को पीसकर इसमें नींबू का रस मिलाकर दाद वाले स्थान पर लगाने से दाद जल्द ही ठीक हो जाता है।

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