चिरायता के फायदे | Chirayta ke fayde | Chiraita ke fayde | benefits of chirayta | अनेक बीमारियों में लाभकारी है चिरायता |

5:44 pm / staff / 0 comments
Category:
LIVER DISEASES

यहां हम आपको “चिरायता के फायदे”के संदर्भ में जानकारी दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित होगा। तो आइए शुरूआत करते हैं–

चिरायता के फायदे

चिरायता (Swertia chirata) ऊँचाई पर पाया जाने वाला पौधा है। यह पूरे भारत में पाया जाता है लेकिन इसके बारे में सबसे पहले यूरोप में पता चला था। स्वाद में बेहद कड़वा लगाने वाले चिरायता का औषधीय उपयोग तवचा की समस्याओं, बुखार, सूजन आदि में किया जाता है। 2-3 फूट की ऊंचाई और चौड़ी पत्तियों वाली चिरायता का फल सफ़ेद रंग का होता है। चिरायता में सूखापन, गर्म, कड़वापन और तीखापन का गुण मौजूद होने के कारण इसका उपयोग कफ, पित्त और वात में संतुलन बनाने के लिए भी किया जाता है। चिरायता का रस तीखा, गुण में लघु, प्रकृति में गर्म तथा कड़वा होता है। यह बुखार, जलन और कृमिनाशक होता है। चिरायता त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) को नष्ट करने वाला, प्लीहा व लिवर की वृद्धि को रोकने वाला, आमपाचक, उत्तेजक, अम्लपित्त, कब्ज, अतिसार, प्यास, पीलिया, दिल की कमजोरी, रक्तपित्त, रक्तविकार, त्वचा के रोग, मधुमेह, गठिया का नाशक, जीवनीशक्तिवर्द्धक गुणों से युक्त है।

chirayta ke fayde

चिरायता के फायदे – (Chirayta Ke Fayde in Hindi)

लीवर की समस्याओं में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in Liver Diseases in Hindi):

चिरायता हमें लीवर की विभिन्न समस्याओं से लड़ने में भी मदद करती है। इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, हेप्टोप्रोटेक्टिव, लैक्सेटिव, डाइजेस्टिव गुण होते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसकी मदद से लिवर की कार्यक्षमता, भूख, पाचन, सूजन, मेटाबॉलिज्म, भारी वजन आदि समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। फैटी लीवर, सिरोसिस और कई अन्य लीवर से संबंधित बीमारियों को चिरायता लीवर की कोशिकाओं को रिचार्ज करके दूर करता है। चिरायता को एक अच्छा लीवर डिटॉक्सीफायर माना जाता है और ये लीवर की कोशिकाओं के काम-काज की क्रिया को मजबूत करती है ।

बुखार में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in fever in Hindi):

चिरायता बुखार को खत्म करने में बहुत फायदेमंद है खासकर के मलेरिया में इसका बहुत लाभ मिलता है। बुजुर्गों के लिए तो चिरायता एक वरदान जैसा है ।

वजन कम करने में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in weight Loss in Hindi)

आज के समय में भारी वजन को कम करना आज एक प्रमुख समस्या बन गया है। बहुत तरह तरह की दवाएं आज बाजार में उपलब्ध हैं। लेकिन यदि आप चाहें तो चिरायता के प्रयोग से अपना वजन आसानी से कम कर सकते हैं। चिरायता में मौजूद मेथेनॉल आपका उपापचय बढ़ाकर आपका वजन कम करता है । इसके लिए चिरायता के चूर्ण को शहद के साथ खाने से लाभ मिलता है।

गठिया में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in Arthritis Disease in Hindi):

गठिया एक ऐसी बिमारी है जिसमें जोड़ों में दर्द और कभी-कभी सूजन भी हो जाती है। चिरायता में सूजन को कम करने की क्षमता होती है जिसके कारण ये गठिया से भी हमें बचाता है। इसके के लिए चिरायता के चूर्ण को शहद के साथ खाने में इस्तेमाल करना चाहिए।

रक्तशोधक के रूप में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in blood purification in Hindi):

 आयुर्वेद के अनुसार चिरायता में रक्तशोधक का गुण पाया जाता है। इसलिए चिरायता का सेवन रक्त के अशुद्ध से होने वाले रोगों के उपचार में फायदेमंद होता है। चिरायता स्वाद में कड़वा होता है। यह भी नीम की तरह ही एक रक्त शोधक के रूप में काम करता है। इसके साथ ही ये एनीमिया से भी आपको बचाता है ।

कब्ज में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in Constipation in Hindi):

अगर आप कब्ज से परेशान है और कोई औषधि काम नहीं कर रही है तो चिरायता आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि एक रिसर्च के अनुसार चिरायता में लैक्सटिव का गुण पाया जाता है इसलिए चिरायता का सेवन कब्ज को दूर करने में मदद करता है। चिरायता इसके इलाज के लिए एक बहुत अच्छा विकल्प है। इसके लिए चिरायता के पौधे से बना काढ़ा पीना चाहिए ।

त्वचा रोगों में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in Skin related Diseases in Hindi):

त्वचा रोगों में चिरायता का प्रयोग फायदेमंद होता है। चिरायता के पचांग का लेप घाव को जल्द भरने में मदद करता है क्योंकि चिरायता में रोपण (हीलिंग) का गुण पाया जाता है जो कि घाव को भरने में मदद करता है। त्वचा पर चकते निकलना या सूजन में भी चिरायता का पेस्ट बनाकर लेप लगाने से ये आराम पहुंचाता है। ये घावों और मुहांसे को भी ठीक करता है ।

प्रतिरक्षा तंत्र की मजबूती में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in strengthen the immune system in Hindi):

किसी भी रोग को ठीक करने या उसे न होने के लिए हमारे प्रतिरक्षा तंत्र का उचित रूप से काम करना जरुरी है। चिरायता शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूती देने का काम करता है। इसके अलावा ये हमारे शरीर से तमाम विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम भी करता है । इसके लिए इसके चूर्ण का इस्तेमाल करने से लाभ होता है।

शुगर को नियंत्रित करने में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in control the blood sugar in Hindi):

शुगर को नियंत्रित करने के लिए चिरायता एक प्रसिद्ध औषधि है, क्योंकि चिरायता में एंटी डायबिटिक क्रियाशीलता पायी जाती है रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए चिरायता का उपयोग हम शुगर के उपचार में कर सकते हैं। इसका कड़वा स्वाद रक्त शर्करा के कई दोषों को दूर करने में हमारी मदद करता है। चिरायता अग्नाशयी कोशिकाओं में इन्सुलिन के उत्पादन को प्रोत्साहित करके रक्त शर्करा को कम करता है ।

आंत के लिए चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in intestine in Hindi):

आंत हमारे शरीर के प्रमुख अंगों में से  एक है। इसमें आई खराबी के कारण कई तरह के विकार हो सकते हैं। आंत की कई बीमारियाँ तो इसमें होने वाले कीड़ों से भी होती है। चिरायता में पाया जाने वाला एंथेल्मिनेटिक गुण हमारे आंत में मौजूद कीड़ों को ख़त्म करता है और पाचन क्रिया को मजबूत बनाने में फायदेमंद होता है।

ब्लोटिंग में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in bloating in Hindi):

चिरायता के हमारे पेट में अम्ल उत्पादन को रोकती है। इसके अलावा ये आँतों की सूजन ठीक करके पेट को मजबूत करती है। इसकी सहायता से आप दस्त, गैस, ब्लोटिंग आदि समस्याओं से निपट सकते हैं ।

कैंसर में चिरायता के फायदे (Chirayta is beneficial in cancer in Hindi):

कैंसर जैसी बेहद गंभीर बीमारियों से भी चिरायता हमें लड़ने में मदद करता है। चिरायता का लाभ हमें लीवर कैंसर में मिल सकता है तथा अन्य प्रकार के कैंसर में भी कुटकी, हल्दी, पुनर्नवा और चिरायता के काढ़ा लाभ पहुंचाता है।

सूजन की समस्या में चिरायता के फायदे (Chirayta Uses to Get Relief from Swelling in Hindi):

चिरायता तथा सोंठ को समान मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसे 4-5 ग्राम की मात्रा में लेकर पुनर्नवा के काढ़ा के साथ मिलाकर पिएं। इससे सूजन कम होती है।

सोरायसीस में चिरायता के फायदे (Chirayta is  in Psoriasis Disease in Hindi):

सोरायसिस के इलाज में चिरायता की विशेष भूमिका होती है। इसके लिए 5-5 ग्राम कुटकी और चिरायता एक कांच के बर्तन में 150 ग्राम पानी डालकर रख दें फिर अगली सुबह उस पानी को निथार कर पिएं और 4 घंटे तक कुछ न खाएं। लगातार दो सप्ताह ऐसा करने से आपको सोरायसिस में राहत मिलती है ।

 

चिरायता के नुकसान – Chirayta Ke Nuksan in Hindi

वैसे तो चिरायता जैसी जड़ी बूटी में कुछ भी हानिकारक नहीं है फिर भी निम्न बिंदुओं का भी ध्यान रखना चाहिए:

  1. गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका इस्तेमाल चिकत्सकीय परामर्श के बाद ही करें।
  2. इसकी कड़वाहट से कुछ लोगों को उल्टी भी होने की संभावना रहती है तो इसका सेवन कैसे और। कितनी मात्रा में करना है इसका ध्यान अवश्य रखें ।

chirayta ke fayde11

Best Healthy Liver Capsule | Best Healthy LiverTablets or Medicine | Make Healthy Liver | 100 % Ayurvedic Healthy liver Tonic for Liver diseases |