पुनर्नवा के फायदे | Punarnava ke fayde | benefits of Punarnava |

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LIVER DISEASES

यहां हम आपको पुनर्नवा के फायदे के बारे में जानकारी दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए ज्ञान वर्धक साबित होगा। तो आइए शुरूआत करते हैं-

विषय सूची

  • पुनर्नवा क्‍या है? – What is Punarnava in Hindi
  • पुनर्नवा के औषधीय गुण – Medicinal properties of Punarnava in Hindi
  • पुनर्नवा के फायदे – Benefits of Punarnava in Hindi
  • पुनर्नवा की तासीर कैसी होती है?
  • पुनर्नवा का उपयोग – How to Use Punarnava in Hindi
  • कैसे बनाएं पुनर्नवा का काढ़ा (How to Make Punarnava’s Kadhha)

 

पुनर्नवा क्‍या है? – What is Punarnava in Hindi

पुनर्नवा एक आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है। सफेद पुनर्नवा का पौधा बहुवर्षायु और प्रसरणशील होता है। इसके क्षुप 1.5 से 3 मीटर लंबे होते हैं। ये प्रतिवर्ष वर्षा ऋतु में नए उठते हैं व गर्मियों में सूख जाते हैं। इस क्षुप के तने प्रायः गोलाई लिए पतले व गोल होते हैं। शाखाएं लंबी, पतली तथा लाल  रंग की होती हैं। पत्ते छोटे व बड़े दोनों प्रकार के होते हैं जबकि उनकी लंबाई 25 से 30 मिलीमीटर होती है। निचला तल छूने पर चिकना प्रतीत होता है। पुनर्नवा का पौधा जब सूख जाता है तो वर्षा ऋतु आने पर इन से शाखाएँ पुनः फूट पड़ती हैं और पौधा अपनी मृत अवस्था से दुबारा नया जीवन प्राप्त कर लेता है। इस विलक्षणता के कारण ही इसे ऋषिगणों ने इसे ‘पुनर्नवा’ नाम दिया है । पुनर्नवा उष्णवीर्य, तिक्त, रुखा और कफ नाशक होता है। इसके प्रयोग से लिवर रोग, सूजन, पांडुरोग, ह्रदय रोग, खांसी, घाव और कब्ज आदि का नाश होता है।

 

पुनर्नवा के औषधीय गुण – Medicinal properties of Punarnava in Hindi

पुनर्नवा को चिकित्सीय गतिविधियों यानी थेराप्यूटिक एक्टिविटी के लिए जाना जाता है। इसकी जड़ों में आइसोफ्लेवोनोइड्स (एक तरह का कंपाउंड) पाया जाता है, जिसे फ्लेवोनोइड्स, फ्लेवोनोइड ग्लाइकोसाइड्स, जैंथोन्स, प्यूरीन न्यूक्लियोसाइड, लिग्नन्स, इक्सीस्टीरॉइड्स और स्टैरिड्स के रूप में भी जाना जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित होता है। इसके अलावा, इसमें इम्यूनोमॉड्यूलेशन, हेपेटोप्रोटेक्शन, एंटीकैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटी-इन्फ्लेमेशन और ड्यूरेसिस गतिविधि पाई जाती है। इन गुणों के कारण यह कई तरह की समस्या को दूर रखने का काम कर सकता है, जिसके बारे में नीचे विस्तार से बता रहे हैं।

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पुनर्नवा के फायदे – Benefits of Punarnava in Hindi

पुनर्नवा के उपयोग से कई फायदे हैं:

लीवर के लिए पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Liver diseases in Hindi):

लीवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। जब शरीर पर बीमारी का हमला होता है और एक अस्वास्थ्यकर लीवर बीमारी के दौरान अतिरिक्त थकान और तनाव पैदा होती है तब यह मुश्किल कम करता है । पुनर्नवा यकृत के लिए अत्यंत उत्तम है। यह नियमित रूप से पित्त के स्राव को प्रोत्साहित करने में मदद करता है, जो कि लिवर को स्वस्थ और कार्यात्मक रखता है।पुनर्नवा में हेपेटोप्रोटेक्टिव गतिविधि पाई जाती है, जिसका काम मुख्य रूप से लीवर को क्षतिग्रस्त होने से बचाना होता है। इसलिए, पुनर्नवा के सेवन से लीवर को नुकसान होने से बचाया जा सकता है।

 

मोटापा कम करने के लिए पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Weight loss in Hindi):

 

सरल शब्दो मे मोटापा किसी तरह की बीमारी नहीं है, लेकिन यह अन्य बीमारियों के पनपने का कारण जरूर बन सकता है। ऐसे में जो लोग मोटापे से परेशान हैं, उनके वजन को कम करने में पुनर्नवा मददगार हो सकता है पुनर्नवा में एंटी-ओबेसिटी गतिविधि पाई जाती है, जिससे शरीर के वजन को कम और सामान्य बना सकता है। वहीं पुनर्नवा की पत्तियों में रक्त को शुद्ध करने वाली क्रिया होती है। अतः इसका नियमित रूप से सेवन करने पर वजन में कमी हो सकती है।

ब्लड प्रेशर होगा कंट्रोल के लिए पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Blood presser Control in Hindi):

 

जिस व्यक्ति का ब्लड प्रेशर अनियंत्रित है, तो पुनर्नवा की पत्तियों से तैयार पाउडर का सेवन कर सकता हैं। यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही असरदार है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में लाभकारी साबित हो सकता है। इतना ही नहीं यह हार्टअटैक और हार्ट स्ट्रोक के खतरे को भी कम करता है। पुनर्नवा से तैयार पाउडर को शहद के साथ खाने अनेक लाभ होते हैं।

 

तनाव में पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in anxiety in Hindi):

 

अगर किसी को तनाव है, तो इस समस्या को कुछ कम करने में पुनर्नवा मदद बहुत फायदेमंद है। पुनर्नवा की जड़ में एंटीस्ट्रेस और एंटीडिप्रेसेंट गतिविधि पाई जाती है, जो तनाव और अवसाद से छुटकारा दिलाती है।

 

मधुमेह से नियंत्रित में पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in diabetes disease in Hindi):

 

पुनर्नवा मधुमेह से बचाए रखने का काम करता है क्योंकि पुनर्नवा के इस्तेमाल से रक्त में ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित होता है, जिससे मधुमेह जैसी स्थिति से बचा जा सकता है। यह सब पुनर्नवा में पाए जाने वाले एंटीडायबिटिक गतिविधि के कारण ही संभव हुआ है। 2ग्राम पुनर्नवा चूर्ण को दूध के साथ पीने से लाभ होता है।

 

यूरिन इंफेक्शन का खतरा होगा कम (Benefits of Punarnava in urin infection in Hindi):

खानपान की खराब आदत के कारण  यूरिन इंफेक्शन होने का खतरा हो सकता है। पुनर्नवा के काढ़ा का सेवन करने से यूरिन इंफेक्शन के खतरे से बचा जा सकता है। यह मूत्र मार्ग में होने वाली समस्या से निजात दिलाता है। इसके सेवन से संक्रमण के खतरे से बचा जा सकता है।

 

अस्थमा के लिए पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Asthama diseases in Hindi):

 

पुनर्नवा के फायदे अस्थमा जैसी श्वसन समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी हो सकते हैं। पुनर्नवा के इस्तेमाल से श्वसन नली और अन्य नलियों में मौजूद कैटरल (श्‍लेष्‍म या म्यूकस) पदार्थ और कफ को हटाने में मदद मिल सकती है। इससे अस्थमा की समस्या ठीक हो जाती है।

 

पीलिया में पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Jaundice disease in Hindi):

पीलिया की समस्या होने पर है पुनर्नवा का सेवन फायदेमंद साबित होता है। पुनर्नवा की जड़ को पीलिया के इलाज में आयुर्वेदिक दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

 

आंखों में पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Eye diseases in Hindi):

 

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए पुनर्नवा का इस्तेमाल किया जाता है। पुनर्नवा में एंटीमाइक्रोबियल गतिविधि पाई जाती है, जो आंखों के इन्फेक्शन की समस्या से छुटकारा दिलाती हैं। पुनर्नवा आंखों के कई विकारों से भी छुटकारा दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके लिए पुनर्नवा के पत्तों का रस या ताजा जड़ के रस को आंखों में डाला जा सकता है।

किडनी रोग में पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Kidney Stone disease in Hindi):

पुनर्नवा काढ़ा किडनी रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। इसके लिए पुनर्नवा को काढ़े के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।

 

कैंसर में पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Cancer in Hindi):

यह बात तो लगभग सभी जानते हैं कि कैंसर का कोई सटीक इलाज नहीं है। ऐसे में कैंसर की समस्या दूर रहे, तो उसी में ही भलाई है। कैंसर की समस्या को दूर रखने में पुनर्नवा मदद कर सकता है। पुनर्नवा में एंटीकैंसर गतिविधि पाई जाती , जो कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकने का काम कर सकती है। इससे कैंसर की समस्या को दूर रखा जा सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि पुनर्नवा का उपयोग करने से कैंसर की समस्या को दूर रखा जा सकता है।

 

त्वचा के लिए पुनर्नवा के फायदे (Benefits of Punarnava in Skin diseases in Hindi):

त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए भी पुनर्नवा का उपयोग किया जा सकता है। पुनर्नवा की जड़ से बने लेप को गर्म करके अल्सर और फोड़े जैसी समस्या पर लगाने से कुछ आराम मिलता है।

 

पुनर्नवा की तासीर कैसी होती है?

मूल स्वाद में कड़वी तथा उग्रगन्धी होती है। पुनर्नवा शोथहर, शीतल और हृदयोत्तेजक है। इसका प्रयोग लिवर रोग, शोथ रोग, हृदय रोग, जलोदर, पांडु और मूत्रकृच्छ्र तथा वृक्क-विकारों आदि में किया जाता है।

 

पुनर्नवा का उपयोग – How to Use Punarnava in Hindi

कई लोगों को पुनर्नवा का उपयोग करने के तरीके पता नहीं होते हैं। इसलिए, वे पुनर्नवा का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। यहां हम बता रहे हैं कि इसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जाना चाहिए।

कैसे खाएं:

  • इसके चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर लिया जा सकता है।
  • पुनर्नवा चूर्ण को दूध में मिलाकर पिया जा सकता है।
  • इसे गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है, लेकिन पानी के साथ लेने पर इसका स्वाद कड़वा लग सकता है।

कैसे बनाएं पुनर्नवा काढ़ा (How to Make Punarnava Kadha)

सबसे पहले पुनर्नवा की 30 से 40 पत्तियां लें। अब एक होने  में 1 गिलास गर्म पानी चढ़ाएं। इसमें पुनर्नवा की पत्तियों को डालें और अच्छे से उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर पी जाएं। इसके अलावा आप पुनर्नवा की पत्तियों को सूखाकर इसका पाउडर तैयार करके रख सकती हैं। जरूरत पढ़ने पर इसके पाउडर को पानी में मिक्स करके भी पिया जा सकता है।

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