मकोय के फ़ायदे | Makoy ke fayde | Benefits of Makoy | मकोय के लाभ | सेहत के लिए कमाल का है मकोय | मकोय के कमाल | Makoi |

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LIVER DISEASES

यहां हम आपको मकोय के फ़ायदे के बारे में जानकारी दे रहे हैं। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए ज्ञान वर्धक साबित होगा। तो आइए शुरूआत करते हैं

  • मकोय का परिचय:

मकोय को काकमाचि,गुरूकामी तथा अंग्रेजी में सोलनम नाइग्रुम या ब्लैक नाइट शेड या सन बेरी भी कहते है  |
मकोय का संपूर्ण पंचांग (तना, जड़, फल, बीज तथा पत्ती) ही औषधीय प्रयोग में आता है| मकोय के पत्ते और कोमल तना का प्रयोग साग के रूप में भी किया जा सकता है,तथा पका हुआ फल को खाया भी जा सकता है। इस प्रकार मकोय एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है, जिसे हम लोग खरपतवार समझकर उखाड़ फेकते है,अगर हम इसके गुण धर्म को जाने तो हमलोग इसका औषधीय लाभ ले सकते है | मकोय में रासायनिक रूप से प्रोटीन,वसा, खनीज लवण, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, लोहा फास्फोरस, रिबोफ्लेविन, निकॉटिनिक अम्ल इत्यादि पाए जाते है।

मकोय एक सामान्य जड़ी बूटी या अल्पकालिक बारहमासी झाड़ी है, जो कई जंगली क्षेत्रों में पाया जाता है यह 30 से 120 सेमी (12 से 47 इंच) की ऊंचाई तक पहुंचता है, 4.0 से 7.5 सेमी (1.6 से 3.0 इंच) लंबा और 2 से 5 सेमी (1 से 2 इंच) चौड़ा छोड़ देता है; दिल के आकार का अंडाकार, लहराती या बड़े दांतेदार किनारों के साथ|

फूलों की पंखुड़ियां हरे से सफेद रंग की होती हैं, वृद्ध होने पर पुनरावर्ती होती हैं और प्रमुख चमकीले पीले परागकोषों के चारों ओर होती हैं। बेरी ज्यादातर 6 से 8 मिमी (0.24 से 0.31 इंच) व्यास में, सुस्त काले या बैंगनी-काले रंग में होती है।

 

विभिन्न भाषाओं में मकोय के नाम निम्नलिखित हैं:

  • Hindi – मकोय, छोटी मकोय
  • English –पॉयजन बेरी (Posion berry), गार्डेन नाइटशेड (Garden nightshade), ब्लैक नाईटशेड (Black nightshade)
  • Sanskrit – काकमाची, ध्वाक्षमाची
  • Urdu – मकोय (Makoya)
  • Assamese – पीचकटी (Pichkati)
  • Punjabi – काकमाच (Kachmach)
  • Gujrati – पीलुडी (Piludi)
  • Tamil – मनट्टक्कली (Manattakkali)
  • Telugu – गजुचेट्टु (Gajuchettu)
  • Bengali – काकमाची (Kakmachi), गुडकामाई (Gurkamai)

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विभिन्न बीमारियो में मकोय के फ़ायदे या लाभ:

टीबी रोग में मकोय के फ़ायदे-

मकोय के पके  फल को मधु (honey)के साथ सेवन करें। इससे टीबी की बीमारी में फायदा होता है।

 

लिवर विकार में मकोय के फ़ायदे-

10-15 मिलीग्राम मकोय पञ्चाङ्ग (जड़, तना, पत्‍ता, फूल और फल) के रस को नियमित रूप से पिलाने से लिवर के बढ़ने की समस्या का उपचार होता है। एक मिट्टी के बर्तन में रस को निकाल लें। इसे इतना गर्म करें कि रस का रंग हरे से लाल या गुलाबी हो जाय। इसे रात को उबाल लें और ठंडा कर लें। सुबह प्रयोग में लाएं। इससे लिवर विकार  में लाभ मिलता है।

 

हृदय रोगों में मकोय के फ़ायदे-

मकोय (makoy) के पत्ते, फल (makoi fruit) और डालियों का सत्त्  (पानी में मकोय को गर्म कर सुखा कर नीचे बचा हुआ पदार्थ) निकाल लें। इसे 2 से 8 ग्राम तक की मात्रा में दिन में 2-3 बार देने से हृदय रोगों में लाभ होता है।

 

सोयरासिस, दाद, खाज और खुजली में मकोय के फ़ायदे-

मकोय के पत्‍ते के रस को लेप के रूप में लगाए। इससे सोयरासिस (Psoriasis), दाद, खाज तथा जीवाणु से पैदा होने वाले घावों में लाभ होता है।

मकोय के हरे फल (makoi fruit) को पीसकर लगाने से दाद में लाभ होता है।

मकोय के अर्क (makoy ark) की थोड़ी मात्रा देने से लाल चकत्ते खत्म हो जाते हैं। अगर आप बहुत दिनों से लाल चकत्ते की परेशानी से ग्रस्त हैं तो इस उपाय को आजमाएं।

मकोय के रस में सोंठ को पीसकर लेप के रूप में लगाएं या लाल बकवृक्ष में सोंठ को पीसकर लेप करें। इससे कोठ रोग, पित्ति रोग व चकत्तों की बीमारी ठीक होती है।

 

घाव में मकोय के फ़ायदे

मकोय (makoy) के पत्‍ते, पान का पत्‍ते तथा हल्दी से पेस्‍ट बना लें। इसका लेप करने से पुराने घाव, चोट लगने से होने वाले घाव, रोम छिद्र की सूजन, मवाद वाले घाव, दाद, खाज (Herpes), एन्थैक्स आदि में लाभ होता है। मकोय पञ्चाङ्ग का पेस्‍ट लेप करने से घाव की सूजन में फायदा होता है।


गठिया में मकोय के फ़ायदे

गठिया को कम करने में मकोय का प्रयोग फायदेमंद होता है।


बवासीर में मकोय के फ़ायदे

मकोय खूनी बवासीर में भी लाभकारी है, इसके पत्तो का रस निकालकर सुबह शाम मस्सों पर नियमित लेप करने से खूनी बवासीर समाप्त हो जाता है।

 

पाचन शक्ति में वृद्धि में मकोय के फ़ायदे

मकोय का काढ़ा पचास से साठ एमएल में दो ग्राम पीपल का चूर्ण डालकर सुबह शाम भोजन के बाद पिलाने से पाचन शक्ति में वृद्धि होती है।


सूजन में मकोय के फ़ायदे

मकोय सभी प्रकार के सुजन के लिए एक उत्तम औषधी है, मकोय के फलों का पेस्ट बनाकर सुजन पर लेप करने से काफी लाभ होता है।


कोढ़ में मकोय के फ़ायदे

नियमित रूप से मकोय के काढ़े को इस्तेमाल करने वालों में कोढ़ जैसी बीमारी में भी लाभ देखा गया है।


दिल के रोग में मकोय के फ़ायदे

मकोय के चूर्ण के सेवन से दिल की बीमारियो में भी आराम मिलता है।

 

आंखों की बीमारी में मकोय के फ़ायदे

इसके काढ़े के सेवन से आंखों की रोशनी सही रहती है।

 

 खांसी में  

मकोय के फूल एवं फल का काढ़ा (10-30 मिलीग्राम) का सेवन करें। इससे खांसी की परेशानी में लाभ होता है।

 

कफ में मकोय के फ़ायदे

इसके काढ़े का 20मिली की मात्रा में दिन में 2-3 बार इस्तेमाल करने से कफ में फायदा होता है।

 

दस्त में मकोय के फ़ायदे

1-2ग्राम मकोय चूर्ण को खाने से दस्त की समस्या का समाधान हो जाता है। ऐसा आपको दिन में दो- तीन बार करने करना पड़ेगा।

 

पीलिया रोग में  

मकोय का उपयोग पीलिया (जौंडिस) रोग के उपचार में भी किया जाता है | इसका चालीस से साठ ग्राम काढ़ा में हल्दी दो से पांच ग्राम चूर्ण मिलाकर प्रयोग करने से पीलिया रोग समाप्त होजाता है।

 

मुंह में छाले होने पर   मकोय के पांच से छह पत्तो को चबाने से मुंह और जीभ के छाले ठीक हो जाते है।

 

मूत्राशय और गुरदे की सूजन में  

मूत्राशय और गुर्दे की सूजन को कम करने में मकोय का प्रयोग फायदेमंद होता है।

 

उल्टी की समस्या में मकोय के फ़ायदे

मकोय के 10-15 मिली रस में 125-250 मिलीग्राम सुहागा मिला लें। इसे पिलाने से उलटी बन्द हो जाती है।

 

बुखार होने पर मकोय के फ़ायदे

मकोय का प्रयोग बुखार में भी किया जाता है, इसका काढ़ा बनाकर सुबह शाम दो तीन दिनों तक लगातार सेवन करने से बुखार में जल्द ही राहत होता है।

 

चेचक रोग में मकोय के फ़ायदे

मकोय चेचक रोग के उपचार में प्रभावकारी है चेचक रोगी को इसके पत्तो का रस पिलाने से चेचक ठीक हो जाता है।

 

कुष्ठ रोग(सफेद दाग) में  

मकोय का उपयोग कुष्ठ रोग(सफेद दाग)में कारगर होता है,इसकी बीस से तीस ग्राम पत्तियों को पीसकर त्वचा पर लेप करने से रोग का सर्वनाश होता है।

 

त्वचा पर लाल चकते में मकोय के फ़ायदे

त्वचा पर लाल चकते होने या फिर किसी भी प्रकार की स्किन एलर्जी होने पर आप मकोय का प्रयोग कर सकते है, क्योंकि मकोय में रक्तशोधक का गुण पाया जाता है जो कि त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने मदद करता है।

 

दांत दर्द में  

मकोय के पत्तो के रस में घी या तेल बराबर मात्रा में मिलाकर प्रभावित दांतों पर मलने से दांत दर्द में राहत होता है।

नींद आने की समस्या में मकोय के फ़ायदे

मकोय अनिद्रा में भी फायदेमंद है, इसके लिए मकोय की जड़ों का दस से बीस ग्राम का काढ़ा में थोड़ा गुड़ मिलाकर रात के समय पिलाने से निद्रा अच्छी तरह से आती है।

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