लिवर सिरोसिस का इलाज | Liver cirrhosis ka ilaj | Treatment of Liver cirrhosis in Hindi |

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LIVER DISEASES

अगर आप लिवर सिरोसिस बीमारी का इलाज के बारे में तलाश कर रहे हैं तो आपकी जहां तलाश पूरी हुई क्योंकि इस लेख में हम आपको लिवर सिरोसिस इस बीमारी का इलाज की समस्त जानकारी बताने जा रहे हैं।

 

लिवर सिरोसिस बीमारी का इलाज

लिवर सिरोसिस (Liver cirrhosis in hindi)

लीवर सिरोसिस एक ऐसी बीमारी है जो कई सालों से लीवर को नुकसान पहुँचने के कारण होती है | समय पर इलाज न कराने पर यह जानलेवा भी हो सकती है | जब किसी क्रोनिक(chronic) बीमारी या कारण की वजह से लीवर को आघात पहुँचता है तब लीवर पर घाव के निशान (scarring of the liver) पड़ने लगते है | इसको लीवर सिरोसिस कहा जाता है | सिरोसिस लीवर कैंसर के बाद सबसे गंभीर बीमारी है, । इस रोग में लीवर कोशिकाएं बडे पैमाने पर नष्ट हो जाती हैं और उनके स्थान पर फाइबर तंतुओं का निर्माण हो जाता है। लीवर की बनावट भी असामान्य हो जाती है, जिससे पोर्टल हाइपरटैंशन की स्थिति बन जाती है।

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लिवर सिरोसिस लक्षण: (symptoms of Liver Cirrhosis in Hindi)

निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव हो रहा है तो अपने लीवर की जांच ज़रूर कराएँ –

  • उल्टी होना
  • कम भूख लगना
  • थकावट
  • दस्त होना
  • पीलिया
  • लगातार वजन घटना
  • शरीर में खुजली होना
  • पेट में तरल पदार्थ बनना
  • खाना खाने की इच्छा कम हो जाना
  • वज़न का अचानक से बढ़ या घट जाना
  • पैरों और पेट में सूजन आ जाना
  • खून की उल्टियाँ होना
  • शरीर में बेवजह खुजली होना
  • शरीर का और आँखों का पीला पड़ जाना
  • मल में रक्त का मिलना
  • ज्वर होना
  • मस्तिष्क में टॉक्सिन्स के जमा होने की वजह से ध्यान देने में, चलने में और चीज़ें याद रखने में परेशानी आना

 

सिरोसिस के अन्य कारण हैं

  • मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज होना इसकी संभावना और बढ़ा देता है
  • अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना
  • हेपेटाइटिस होना
  • जहरीली धातु (toxic metals)
  • आनुवंशिक रोग
  • लीवर में फैट जम जाना (fatty liver)
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस (cystic fibrosis) होना
  • किसी प्रकार का रोग या इन्फेक्शन होना जिससे लीवर पर असर पड़ रहा हो

 

लीवर सिरोसिस के 4 स्टेज़ेज़

इसके स्टेज़ेज़ में शामिल हैं:

  • स्टेज 1:

कम्पेंसेटेड सिरोसिस (compensated cirrhosis) के रूप में भी जाना जाता है, किसी को बिना किसी मेडिकल लक्षण के हल्के लक्षण हो सकते हैं। चूंकि इसमें लीवर पर बहुत कम घाव होते हैं, इसलिए इस स्टेज पर इसे कण्ट्रोल करना आसान होता है।

  • स्टेज 2:

स्कार्रिन्ग (scarring or fibrosis) और अन्य लक्षण बढ़ने लगते हैं और हाइपरटेंशन जैसे अतिरिक्त लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

  • स्टेज 3:

इस स्टेज को डीकम्पेंसेटेड सिरोसिस (decompensated cirrhosis or clinical stages) के रूप में भी जाना जाता है। इस स्टेज में बढ़ते लक्षणों के कारण लीवर में सूजन और एक्सटेंसिव स्कार्रिन्ग शामिल होते हैं जिसके परिणामस्वरूप गंभीर लीवर डैमेज और यहां तक ​​कि फेलियर भी होती है।

  • स्टेज 4:

यह लीवर की बीमारी की अंतिम स्टेज है जिसमें लीवर पूरी तरह से डैमेज हो जाता है और रोगी के लिए जीवन के लिए खतरा बन जाता है। ऐसे में लीवर ट्रांसप्लांट कराना पड़ता है।

 

लीवर सिरोसिस के पहले लक्षण क्या हैं?

सिरोसिस, लीवर की कई बीमारियों की एक जटिलता है जिसमें लीवर सेल्स का नुकसान होता है और लीवर के अपरिवर्तनीय घाव हो जाते हैं। लीवर सिरोसिस के कई कारण होते हुए भी, शराब का अत्यधिक उपयोग और वायरल हेपेटाइटिस बी और सी इस स्थिति का मुख्य कारण हैं। सिरोसिस तब तक कोई लक्षण नहीं दिखाता जब तक कि लीवर की क्षति व्यापक न हो जाए।

 

सिरोसिस का दर्द कैसा महसूस होता है?

प्रारंभिक अवस्था में, व्यक्ति को ऊपरी दाहिने पेट में हल्का दर्द महसूस हो सकता है। जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती जाती है दर्द बढ़ने लगता है।

 

लीवर सिरोसिस का क्या कारण है?

लीवर सिरोसिस आमतौर पर शराब के दुरुपयोग, फैटी लीवर और हेपेटाइटिस सी के कारण होता है। लीवर में सिरोसिस के अन्य कारणों में शामिल हैं:

  • फैटी लीवर जो डायबिटीज और मोटापे से जुड़ा है।
  • लीवर के तीव्र वायरल संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस डी, बी और सी। यह कुछ दुर्लभ है।
  • बाइल (Bile)की रुकावट जो बाइल(bile juice) को आंतों में स्थानांतरित करती है। बाइल आमतौर पर लीवर में बनता है और यह भोजन को पचाने में मदद करता है।
  • हार्ट फेलियर के लगातार बाउट्स के कारण, लीवर में फ्लूइड का संचय का होता है।
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस, ग्लाइकोजन स्टोरेज रोग (ग्लाइकोजन को शुगर में प्रोसेस करने में शरीर की अक्षमता), अल्फा 1 एंटीट्रिप्सिन की कमी (लीवर में एक निश्चित एंजाइम की अनुपस्थिति) जैसे रोग।
  • रोग और डिसऑर्डर्स, जो हेमोक्रोमैटोसिस (लीवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में अत्यधिक आयरन का संचय), विल्सन रोग (लीवर के अंदर कॉपर का असामान्य स्टोरेज) और लीवर के असामान्य कार्य के कारण होते हैं।
  • पैरासिटिक संक्रमण, एनवायर्नमेंटल टॉक्सिन्स के संपर्क में आने और कुछ प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की प्रतिक्रिया जैसे दुर्लभ कारक भी सिरोसिस में योगदान कर सकते हैं।

 

सिरोसिस बीमारी का इलाज कैसे करें?

  • इस बीमारी में हमारा पूरा ध्यान इस पर होना चाहिए कैसे हम लीवर को पहुँच रहे नुकसान को कम कर सकते हैं और कैसे सिरोसिस को बढ़ने से रोक सकते है
  • बेहतर होगा की आप ऐसे में अपना पूरा ख्याल रखें और अपने खानपान में विटामिन्स, मिनरल्स और कैल्शियम का स्वस्थ आहार सेवन करें |
  • रोज़ व्यायाम करने से हम लीवर को पहुँच रहे नुकसान को कम कर सकते हैं |

 

लीवर सिरोसिस के घरेलू उपचार: (Liver Cirrhosis Home remedies)

  • एप्पल साइडर विनेगर, फैट के मेटाबोलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह लीवर के लिए एक बेहतरीन सफाई एजेंट के रूप में भी काम करता है। सर्वोत्तम परिणाम देखने के लिए एक कप पानी में एक बड़ा चम्मच एप्पल साइडर विनेगर और एक बड़ा चम्मच शहद मिलाएं।
  • मिल्क थीस्ल (Milk Thistle) में सिलीमारिन होता है जो लीवर सिरोसिस के कारण होने वाले, लीवर सेल्स के नुकसान को कम करने के लिए एक सक्रिय एंटी-ऑक्सीडेंट है। थोड़ी मात्रा में मिल्क थीस्ल के बीज को पीसकर साफ पानी में तब तक उबालें जब तक कि मिल्क थीस्ल एसेंस पानी में न निकल जाए। एक बार जब यह हाथ से छूने लायक गर्म हो जाए, तो अपने लीवर को स्वस्थ रखने और इसे और नुकसान से बचाने के लिए इस अर्क को पिएं।
  • पालक आयरन का प्रचुर स्रोत है। गाजर बीटा-कैरोटीन से भरपूर होती है। दो गाजर और काफी मात्रा में पालक के पत्ते धो लें। इन्हें बारीक पीस कर पेस्ट बना लें। सिरोसिस के लक्षणों से राहत पाने के लिए रस को इकट्ठा होने तक इसे छान लें और इसे पी लें।
  • दो चम्मच पपीते के रस में दो चम्मच नींबू का रस मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें। सुधार देखने के लिए इसे दिन में 3-4 बार लें।

लीवर सिरोसिस के साथ आप क्या नहीं खा सकते हैं?

कुछ खाद्य पदार्थ  ज्यादा हानिकारक हो सकते हैं  यहाँ उन खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है जो सिरोसिस की स्थिति में लीवर के लिए हानिकारक हो सकते हैं:

  • पके हुए खाद्य पदार्थ – कुकीज़, केक, ब्रेड।
  • मीठा कार्बोनेटेड पेय।
  • शराब।
  • फास्ट फूड।
  • तले हुए खाद्य पदार्थ।
  • उच्च सोडियम खाद्य पदार्थ।
  • लाल मांस।
  • फ्रुक्टोज से भरपूर फल

 

 

यदि आप शराब पीना बंद कर देते हैं तो क्या आप सिरोसिस के साथ जी सकते हैं?

किसी भी आहार प्रतिबंध या परिवर्तन से पूर्ण उपचार नहीं होगा, लेकिन वे आगे के मेडिकल कॉम्प्लीकेशन्स की संभावना को कम करने में आपकी सहायता कर सकते हैं।

शराब से परहेज करने से लीवर को और नुकसान होने से रोका जा सकता है जिससे आपकी लाइफ एक्सपेक्टेंसी 5 और वर्ष तक बढ़ सकती है।

 

क्या सिरोसिस के बाद लीवर फिर से रीजेनेरेट हो सकता है?

भले ही लीवर मानव शरीर में सबसे अधिक रीजेनेरेटिव अंगों में से एक है, लेकिन जब कोई व्यक्ति सिरोसिस से पीड़ित होता है तो उसकी रीजेनेरेटिंग क्षमता कम हो जाती है

 

लीवर सिरोसिस का सबसे अच्छा इलाज क्या है?

कुछ सावधानियां और दवाएं इसे बढ़ने से रोकती हैं और इस तरह से लीवर सेल्स के नुकसान को कम करने से असुविधाएं कम हो जाती हैं।

  • यदि शराब के सेवन से सिरोसिस होता है, तो व्यक्ति को शराब पीने से बचना चाहिए|
  • यदि ऑटोइम्यून रोग सिरोसिस का कारण है, तो रोगी को सिरोसिस के उचित उपचार और अंतर्निहित बीमारी के लिए सिफारिश की जाएगी।
  • दवाएं सिरोसिस के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।
  • आहार में नमक की मात्रा कम करके फ्लूइड रिटेंशन और एस्साइट्स का अच्छी तरह से इलाज किया जाता है।
  • आहार और दवा उपचार की मदद से सिरोसिस मानसिक भ्रम की स्थिति में सुधार किया जा सकता है।
  • गंभीर लीवर सिरोसिस वाले लोगों को लीवर ट्रांसप्लांट कराने की आवश्यकता हो सकती है।

 

 

लिवर सिरोसिस के इलाज के लिए आप हमारे द्वारा इस लेख में नीचे दी गई दवा को आजमाकर भी देख सकते है।

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